Saturday, February 5, 2011

साठ गुना छोटी है सीहोर में बनी मिनी वल्र्ड कप



महेन्द्र ठाकुर

सीहोर। वल्र्ड कप क्रिकेट के सबसे लोकप्रिय आयोजनविश्वकप का खुमार सिर चढ़कर बोलने लगा है। वल्र्ड कप शुरू होने में अबमहज कुछ ही दिनों का समय बचा है। ऐसे समय में क्रिकेट के महाकुंभ मेंसीहोर के होनहार सर्राफा व्यापारी नितिन सोनी ने वल्र्ड कप ट्राफी की तरहमहज एक सेंटीमीटर की मिनी वल्र्डकप ट्राफी बनाकर न केवल अदभुत इतिहासरचकर गीनिज बुक आफ वल्र्ड रिकार्ड के कर्ताधर्ताओं का नाम भी अपनी तरफआकर्षित कर दिया है। नितिन ने इस मिनी वल्र्ड कप ट्राफी को वल्र्डकपक्रिकेट में मैन आफ द सीरिज जीतने वाले खिलाड़ी को देने की घोषणा की है।नितिन ने एक जानकारी में दावा करते हुए बताया कि वल्र्डकप ट्राफी कीहुबुहू प्रतिकृति के रूप में तैयार एक सेटीमीटर की मिनी वल्र्डकप ट्राफीविश्च में अब तक की सबसे छोटी ट्राफी है, जो वल्र्ड कप ट्राफी से आकारमें साठ गुना छोटी है। इस ट्रसफी में 23 कैरेट का महज 510 मिलीग्राम(करीब आधा ग्राम)सोने का उपयोग किया गया है। श्री सोनी कहते हैं कि उनकाबचपन से ही क्रिकेट का शौक रहा है। वल्र्ड कप क्रिकेट प्रतियोगिता शुरूहोने के पहले उसके मन में आया कि क्यो न वल्र्ड कप क्रिकेट में सीहोर कानाम भी जोड़ा जाए। इसी सोच के बाद उसने वल्र्ड कप टाफी की तरह ही उसकीसबसे छोटी प्रतिकृति बनाने की तैयारी शुरू कर दी। इसके बाद तीन से चारदिन के अथक प्रयास के बाद उसने सबसे छोटी एक सेंटीमीटर की ट्राफी बनानेमें सफलता प्राप्त की। नितिन ने बताया कि वह इस सबसे छोटी मिनी वल्र्डकपट्राफी को वल्र्डकप क्रिकेट में मैन आफ द सीरिज विजेता को भेंट करनाचाहते हैं।

Thursday, February 3, 2011

सीहोर में पांच बेटियों के हत्या के आरोपी पिता को मौत की सजा


महेन्द्र ठाकुर, सीहोर।
सीहोर जिला अदालत के न्यायाधीष वेदप्रकाष षर्मा ने आज 3 फरवरी गुरूवार को निर्णय पारित किया है, जिसमें पांच बेटियों के हत्यारे पिता को मृत्युदण्ड की सजा से दंडित किया गया है। जनकारी के अनुसार सीहोर जिले के दूरस्थ ग्राम कनेरिया में 11 जून 2010 को मगनलाल पुत्र मांगीलाल ने कुल्हाड़ी से प्रहार कर अपनी पांच मासूम बेटियों की हत्या कर दी थी। जिन बेटियों की हत्या की गई थी, उनमें 1 साल की जमना, 3 साल की लीला, 4 साल की अरथा, 5 साल की सविता और 6 साल की फूलकुंवर थी। इस मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीष वेदप्रकाष षर्मा ने पूरे मामले में गवाहों व पक्षों को सुनने के बाद 5 बेटियों के हत्यारे पिता मगनलाल को मृत्युदंड की सजा से दंडित किया है। इस मामले में खास बात यह है कि पिता द्वारा पांच बेटियों की किन कारणों से की गई है, इसका पता आज तक नहीं लग सका है। पुलिस अपनी जांच में भी इस बात का खुलासा नहीं कर सकी है कि हत्या का कारण क्या रहा। लेकिन अब अदालत के निर्णय के बाद यह तय हो गया है कि मासूम बेटियों की हत्या करने वाले पिता की भी मृत्यु होना निष्चत है। जो उसे अदालत के निर्णय के बाद मिलेगी।

Saturday, January 22, 2011

सीहोर जिले में भय और आतंक का वातावरण



सीहोर निवासी छात्र ईशान शर्मा के अपहरण और हत्यामामले की सी.आई.डी. जॉंच एवं पुलिस की धीमी गति से जांच पर पुलिसअधिकारियों के खिलाफ मजिस्ट्रीयल जॉंच कराने की मांग को लेकर कांग्रेस नेषानिवार को कलेक्टर कार्यालय के सामने प्रदर्षन किया।कांग्रेस ने ज्ञापन में कहा है कि बड़ा बाजार सीहोर निवासी कक्षा 8वीं काछात्र ईशांत शर्मा रहस्मय परिसिथतियों में लापता हो गया था बुधवार 19जनवरी को छात्र लापता हुआ था मामले में पूरे शहर में चर्चा रही कि छात्रके पिता के पास उसके मोबाइल से 40 लाख की फिरोती के लिये कॉल किया गयापुलिस ने काफी देर बाद अपहरण का मामला कायम किया मोबाइल नेटवर्किंग सेआरोपियों तक पुलिस नहीं पहुंच सकी, छात्र को जीवित नहीं बचाया जा सका कुलमिला कर अपहरण के इस मामले में पुलिस ने लापरवाही बरती इसलिये मामले मेंलापरवाह पुलिस कर्मियों के खिलाफ मजिस्ट्रीयल जॉंच होनी चाहिये और जिसनेअपहरण का मामला कायम करने में देरी की और जॉंच भी धीमी गति से परिणामस्वरूप छात्र की हत्या हो गई । कांग्रेसजनों का अनुरोध है कि सीहोर में कई साल पहले भीछात्र अनूप रायकी हत्या हुई थी इस छात्र की लाश इछावर रोड के पास मिली थी उसके हत्यारेभी आज तक नहीं पकडाये है अब छात्र ईशांत शर्मा की हत्या हुई है सीहोर केछात्र की लाश भोपाल में मिली पूरे मामले में सी.आई.डी. जॉंच अत्यन्तआवश्यक है क्योंकि सीहोर और भोपाल की पुलिस मोबाइल पर कॉल आने के बाद भीनाकाबन्दी नहीं कर सकी और अपराधी आज खुले आम घूम रहे है । छात्र कीनिर्मम हत्या से पूरे सीहोर जिले में भय और आतंक का वातावरण निर्मित होगया है । माता पिता, अभिभावक और पालक अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकरस्वभाविक रूप से चिंतित है । कांग्रेसजन अनरुोध करते है कि मध्य प्रदेशशासन और उसका पुलिस महकमा विद्यार्थी हित में सजगता पूर्ण कार्यवाही करें। यदि आरोपियों की गिरफ्तारी और लापरवाह पुलिस अधिकारियों पर कार्यवाहीनहीं होती है तो मजबूरी में सभी कांग्रेसजन 27 जनवरी को सीहोर बन्द काआव्हान करेंगें कांग्रेस का आन्प्दोलन जनहित में पूरी तरह शांतिप्रियतरीके से है सभी सह सहयोग की अपेक्षा की जा रही है, जन-भावनाओं का सम्मानकरते हुये मध्य प्रदेश शासन मामले में सी.आई.डी. और मजिस्ट्रीयल जांच केआदेश प्रदान कर नागरिकों का भरोसा प्रशासनिक तंत्र पर कायम रखने मेंसहयोग प्रदान करने की बात कही है।जांच की मांग को लेकर उठाऐ बिन्दु1- सीहोर जिले के समस्त कांग्रेसजन मध्य प्रदेश शासन का ध्यान निम्नबिन्दुओं पर आकर्षित कराते हुये जांच का सादर अनुरोध करते है बिन्दु इसप्रकार है -1- छात्र ईशांत शर्मा का अपहरण हो जाने के बाद पुलिस ने अपहरण का मामलाकायम करने में देरी क्यों की ?2- छात्र के मोबाइल से उसके पिता के पास क्या फोन आया था यदि आया था तोमोबाइल नेटवर्क के माध्यम से अपराधियों मो क्यों नहीं पकडा जा सका ।3- छात्र ईशांत शर्मा को कथित अपहरणकर्ताओं ने सीहोर से भोपाल तक ले जायागया इस बीच कई थाने पडते है पुलिस ने चैकिंग करना उचित क्यों नहीं समझा ?4- पूरे मामले में पुलिस ने अपहरणकर्ताओं के खिलाफ जॉंच में तेजी क्योंनहीं दिखाई ?5- मामला छात्र की सुरक्षा से जुडा हुआ था इसके बाद भी पूरे मामले मेंछात्र की सुरक्षा का ध्यान क्यों नहीं रखा गया ?6- सीहोर जिले में इससे पहले भी एक छात्र अनूप राय की हत्या हो चुकी हैउसके आरोपी नहीं पकडे गये है यह दूसरा मामला है पूरा जिला भय और आतंक केबीच जीवन यापन कर रहा है, पुलिस ऐसे कौन से कदम उठा रही है जिससे किभविष्य में ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण घटना की पुनरावृत्ति ना हो ?7- पुलिस की कथित लापरवाही के कारण जनता और पुलिस के बीच दूरियां बडती जारही है आमजन पुलिस पर भरोसा नहीं कर रहा है ऐसे में पुलिस की भूमिका अबक्या बची है दोबारा नागरिकों का भरोसा पुलिस पर कायम हो इसके लिये क्याकदम उठाये जा रहे है ?8- आधुनिक दौर में पुलिस बल अत्याधुनिक संचार प्रणाली से लेस है उसके बादभी छात्र ईशांत शर्मा की हत्या के मामले में पुलिस जांच में पीछे कैसे रहगई ।

Tuesday, December 28, 2010

सीहोर नगरपालिका मतदाता सूची में सीहोर नगरपालिका मतदाता सूची में अनियमितताएं

नगरपालिका परिषद चुनाव के लिए 6 जनवरी 2011 को होने जा रहे मतदानके लिए जारी की गई मतदाता सूची में भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। जहांएक ही घर में 41 साल के 11 मतदाता हैं, वहीं एक मतदाता 250 वर्ष की हैं।

उल्‍लेखनीय है कि नगर में परिषद चुनाव की तैयारियां जोरों से चल रही हैं।नाम वापसी के पहले से ही जहां एक ओर उम्‍मीदवारों ने सघन जनसंपर्क शुरुकर दिया है, वहीं प्रिन्टिंग व्‍यवसाय से जुडे अनेकों संस्‍थान चुनावप्रचार सामग्री की तैयारियों में व्‍यस्‍त हैं। इसी तरह नगर के दीपकम्‍प्‍यूटर्स के संचालक प्रदीप मिश्रा जब मतदाता पर्ची बनाने कीप्रक्रिया पूरी कर रहे थे, तो उन्‍हें कुछ मतदाता सूचियों में इस तरह कीरोचक जानकारी मिली,यह इस प्रकारहैं - एक ही घर में 133 मतदातावार्ड क्रमांक 2, भाग 2 के ब्रह़मपुरी क्षेत्र गृह क्रमांक 397 में 133मतदाता हैं। इस घर में रहने वाले मतदाताओं की उम्र 42 वर्ष से 19 वर्ष तकहै। इनमें 42 वर्ष के दो, 41 वर्ष के 11, 40 वर्ष के 5, 39 वर्ष के 6, 38वर्ष के 12, 36 वर्ष के 4, 35 वर्ष के तीन, 34 वर्ष के तीन, 33 वर्ष के3, 32 वर्ष के 3, 31 वर्ष के 19, 29 वर्ष के 4, 28 वर्ष के 5, 27 वर्ष के3, 26 वर्ष के 12, 25 वर्ष के 11, 24 वर्ष के 15 मतदाता हैं। इन मतदाताओंकी आयु घटते क्रम में दी गई है।
इसी तरह वार्ड क्रमांक 4 भाग 2, गृह क्रमांक 155/1 में 85 सदस्‍य हैं,जिसमें 33 वर्ष से लेकर 18 वर्ष के मतदाता घटती आयु क्रम में दिए गए है,जिसमें 33 वर्ष के 6, 32 वर्ष के 14, 31 वर्ष के 8, 30 के 4, 29 वर्ष के10, 28 वर्ष के 13, 26 वर्ष के 6, 25 वर्ष के 5, 24 वर्ष के 10 मतदाताहैं।
वार्ड क्रमांक 4 के भाग 1 में भी इसी तरह के मतदाता हैं, जिनमें भीमतदाताओं की उम्र घटती आयु क्रम में दी गई है।
विश्‍व की सबसे अधिक उम्र की मतदाता सीहोर मेंहाल ही में प्रकाशित की गई इस मतदाता सूची के अनुसार वार्ड क्रमांक 4 भाग1 मतदाता क्रमांक 116 प्रिया/ महेंद्र कुमार ऐसी महिला मतदाता हैं जिनकीउम्र 250 वर्ष है।
इसी तरह अन्‍य वार्डों में सूचियों को अगर बारीकी से देखें तो कहीं एक हीनाम के दो या अधिक मतदाता जिनकी आयु भी समान है या एक ही पिता की अनेकसंतानें एक ही उम्र की हैं।
इस संबंध में जब कलेक्‍टर संदीप यादव चर्चा करना चाहा तो उन्‍होने कहाकि‍ आप अब जाग रहे हो अब कुछ नही हो सकता आपको दावा आप‍ि‍त्‍त के समय हीबताना चाहि‍ए था।जब मतदाता सूची के मुद्रक एस आर कम्‍प्‍यूटर के मालि‍क श्री संजय खरे सेबात की गई तो उन्‍होने कहा कि‍ हमारे पास प्रि‍टि‍ग से पहले प्रूफ रीडि‍गके लि‍ए दी गई प्रति‍यां उपलब्‍ध है हमें प्रूफ रीडि‍ग पश्‍चात जोप्रति‍यां मि‍ली उसी के अनुसार हमनें मतदाता सूचि‍यां प्रि‍ट कर दी

Friday, December 3, 2010

अब वह भी रहेंगे अपडेट




सीहोर। देश विदेश के ताजातरीन समाचारों और साहित्य, फिल्मजगत विज्ञान, वर्तमान अर्थव्यवस्था, राजनैतिक गातिविधियां, समाजिक कार्यो,अपराध जगत के हाल और विभिन्न जानकारियों से आमजनमानस को समय पर अवगत कराने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष राकेश राय ने सराहनीय पहल की है। शुक्रवार को नगर पालिका ने मंडी क्षेत्र में वर्तमान प्रतिभाओं को पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने के लिए पुस्तकालय आरम्भ कर दिया है।जानकारी के अनुसार मंडी क्षेत्र में रेल्वे गेट के पास नगर पालिका ने पुस्तकालय खोला है, अध्यक्ष राकेश राय के इस प्रयास से पुस्तकालय में रोजाना ही हर आम और खास व्यक्ति के लिए अधिकांश पत्र पत्रिकाऐं उपलब्ध रहेंगी जिससें वह प्रतिभाऐं ज्यादा लाभांवित होंगी जो आर्थिक रूप से परेशानी के कारण समाचार पत्र पढ़ नही पाते है। शुभारम्भ के अवसर पर पार्षद रामप्रकाश चौधरी, नरेश राय, जिला कांग्रेस महामंत्री धर्मेन्द्र यादव, सचिव अशफाक खान, युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल,मीडिया प्रभारी महेन्द्र मनकी ठाकुर, पार्षद मनोज गुजराती, हिरदेश राठौर, राजीव गुजराती, पंकज गुप्ता, संजय राय बाबा, अरूण राय, संदीप राय, घनश्याम यादव, नवाब मुनव्वर खान, कपिल सूर्यवंशी, राशिद मंसूरी, मो शाकिर, प्रताप पंवार, मुकेश राय, दीपक बोयत, सहित मंडी क्षेत्र के कांग्रेसजन उपस्थित रहे।इस अवसर पर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष राकेश राय का पार्षद रामप्रकाश चौधरी सहित मनोहर वर्मा, महेन्द्र पंवार, अमित अग्रवाल, जितेन्द्र राठौर, विमल राय, अरविन्द वर्मा, प्रवीण राठौर आदि ने स्वागत किया। शुभारम्भ अवसर पर श्री राय ने कहा की किताबें सभी के जीवन में महत्वपूर्ण होती है जो हमारा ज्ञानवर्धन करती है और जीवन के महत्वपूर्ण क्षणों में सभी का मार्गदर्शन करती है इसलिए सभी को शिक्षा का मार्ग खुद भी अपनाना चाहिए साथ ही अन्य लोगों को भी इसके लिए प्रोत्साहित करना चाहिए। रोजाना समाचार पत्र पढने की सभी लोग आदत डाल ले तो वह हमेशा वर्तमान से रूबरू रहेगे। अच्छे जनप्रतिनिधि की पहचानकई बार चुनाव के दौरान यह सवाल आमजनमानस के मन में उठता है की सच्चा और ईमानदार जनप्रनिधि की पहचान क्या होती है। तब हर किसी के सामने एक ही अक्स उभरता है जो निश्चित तौर पर नपाध्यक्ष राकेश राय का होता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि उन्होनें पांच साल पहले चुनाव लडते समय राकेश राय ने जो वायदे लोगों से किए थे वह उन्होनें पूरे कर दिए है। शहर में पार्षदों एवं गणमान्य नागरिकों की मांग पर पांच करोड के विकास कार्य कराऐं गए। हर समस्या का स्थायी हल निकाला गया। दशकों से नगर पेयजल संकट का सामना करता रहा किसी ने भी पक्का हल नही खोजा था। तब हर साल सामने आ रही गम्भीर समस्या को देखते हुए श्री राय ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुरेश पचौरी के प्रयासों ने केन्द्र सरकार से 14 करोड़ की यूआईडीएसएसएमटी योजना कि न केवल स्वीकृति कराई बल्कि पावर हाउस चौराहा, गंगा आश्रम और भोपाल नाके पर पानी की नई टंकी बनने और जमोनिया तालाब से पाईप लाईन बिछाने कार्य शुरू करवा दिया है। मंडी में 8 साल पहले धराशायी हुई पानी की टंकी को श्री राय ने प्राथमिकता से पूरा कराया साथ ही गंज में नई पानी की टंकी बनवाई अब सड़कों का चौडीकरण और फिर डामरीकरण का कार्य प्रगति पर है। उल्लेखनीय है कि शहर में विकास कार्यो के तेजी से होने और बस स्टैंड पर निर्माण कार्य होने से लोगों को सुविधा हो गई है वार्ड भ्रमण के दौरान श्री राय का जोरदार और ऐतिहासिक स्वागत हो रहा है।

Saturday, November 27, 2010

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का गृह ग्राम किसी परिचय का मोहताज नहींसीहोर जिले ने दिया मध्यप्रदेश को नेतृत्व



महेन्द्र ठाकुर, सीहोर नर्मदा के मुख्य तट पर बसा ग्राम जैत आज किसी परिचय का मोहताज नहीं है। पूर्वी छोर पर बसे इस गांव ने उस नेतृत्व को जन्म दिया, जिसने प्रदेश की तकदीर और तस्वीर दोनों बदल दी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इस छोटे से गांव में जन्म लिया, यहीं खेले और आरंभिक शिक्षा प्राप्त की। धार्मिक आस्थाओं में विश्वास रखने वाले और मां नर्मदा के भक्त श्री चौहान ने नर्मदा घाटों का पुर्नउद्धार कर गांव के विकास को शुरूआत दी। यहां सड़क बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार किया। पौने बारह सौ की आबादी वाला गांव जैत आज अपनी किस्मत पर जरूर गर्व करता होगा। गांव में तो विभिन्न जाति, वर्ग और धर्म के लोग निवास करते हैं, पर यहां चौहान वर्ग का बाहुल्य है, जो मुख्यत: कृषि कार्य ये जुड़ा है। श्री चौहान ने मुख्यमंत्री बनते ही पहले तो प्रदेश की ओर ध्यान दिया, फिर पीछे मुड़कर देखा अपने गांव जैत की तरफ शायद उन्हें लगा कि उनके मुख्यमंत्री बनने से गांव के लोगों की उम्मीदों को पंख लग गए हंै। आज गांव चारों तरफ से पक्की सड़कों से जुड़ चुका है। मछवाई से जैत और डोबी से जैत यह दोनों सड़कें डामर रोड बन चुके हैं। जो जैत गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ते हैं। संवाददाता महेन्द्र ठाकुर द्वारा एकत्र जानकारी के अनुसार अब आधा घंटे का सफर सात मिनट में संभव है। सरदारनगर से जैत और नारायणपुर नांदनेर मार्ग भी लगभग तैयार है। यहां श्री चौहान कभी धूल और कीचड़ से सनी गलियों में खेला कूदा करते थे, वहां अब सीसी रोड है। पहले यहां केवल एक प्रायमरी स्कूल था। अब चमचमाती बिल्डिंग में 11 वीं तक की शिक्षा बच्चे ग्रहण कर रहे हैं। जहां लोग नर्मदा स्नान कर पानी नदी से लाते थे अब घर बैठे नलजल योजना से पानी मिल रहा है। सेवा सहकारी समिति, आंगनवाड़ी, हेल्थ सेंटर सहजता से सुलभ हैं। मछली पालन करने वाले अधिक रहते हैं, इसलिए मछुआ भवन बनवाया जा रहा है तथा कृषक भवन भी बनेगा। गौरतलब है कि नर्मदा तट शाम ढलते ही यहां अंधेरे से घिर जाता था, वहीं अब इस घाट की शाम सौर ऊर्जा की रोशनी से नहा उठाती है, अब लोग बिना किसी भय के देर शाम तक नर्मदा स्नान कर सकते हैं। अभी यहां विदेशी प्रवासी पक्षी भी अपना डेरा जमाते हैं, जिससे नर्मदा की शोभा और भी द्विगुणीत हो उठती है। 2008 में इस गांव में लोकरंजन जैसा प्रतिष्ठापूर्ण सात दिवसीय सांस्कृति आयोजन हो चुका है।भाजपा मना रही है गौरव दिवस- सीएम के ग्राम में बन गई पक्की सड़कें। - बड़ा सांस्कृति कार्यक्रम का हुआ आयोजन।- नर्मदा तट सौर ऊर्जा की रोशनी से नहाया। - शिक्षा का स्तर जैत में काफी बढ़ा।- जैत को भी होगा किस्मत पर गर्व।पांच साल पहले मध्यप्रदेश को सीहोर जिले ने नेतृत्व दिया, उसी का सुखद परिणाम है कि प्रदेश विकास की ओर अग्रसर है तथा किसी भी मायने में पीछे नहीं है। अब श्री चौहान का गृह ग्राम जैत भी मुख्यधारा से जुड़कर विकास की ओर कदम बढ़ा रहा है।

पुलिस कर्मियों ने बच्चे को हथकड़ी लगाई


सीहोर खेलने-कूदने और पढ़ने की उम्र में कई बच्चे अपराध का रास्ता अख्तियार कर रहे हैं। जिस तेजी से नाबालिगों में अपराध की प्रवृत्ति बढ़ रही है, उससे न सिर्फ पुलिस की नींद उड़ गई है, बल्कि खुफिया तंत्र भी खासा चिंतित है। माता-पिता भी इसे लेकर बेहद परेशान हैं। पुलिस चाह कर भी अंकुश नहीं लगा पा रही। मनोचिकित्सक की मानें तो बच्चों में बढ़ रही आपराधिक प्रवृत्ति को समय रहते नहीं रोका गया तो परिणाम गंभीर हो सकते हैं। बुधवार को पुलिस कर्मियों ने एक बच्चे के हाथ में हथकड़ी डालकर जो जनचर्चा का विषय बना हुआ है। दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। इस सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक केडी पाराशर का कहना है कि भौतिक चकाचौंध के कारण बच्चों में अपराध की भावना जगती है। बच्चे खासकर लूट, चोरी की वारदात कर अपनी आवश्कताओं की पूर्ति करने का प्रयास करते हैं। माता-पिता में बढ़ रहे झगड़ों के कारण भी बच्चों पर विपरीत असर पड़ता है। इस कारण भी वे अपराध का रास्ता पकड़ लेते हैं। बड़े-बुजुर्गों का मार्गदर्शन नहीं मिलना, बच्चों को नजर अंदाज करना भी बाल अपराध बढ़ा रहा है। उनका कहना है कि ऐसे मामले पुलिस के लिए भी मुश्किल खड़ी कर रहे हैं। मनोचिकित्सक का मतजिले में नाबालिगों में अपराध की भावना बढ़ने को लेकर संवाददाता महेन्द्र ठाकुर से चर्चा में मनोचिकित्सकों का कहना है कि कम हो रहे धार्मिक व नैतिक संस्कारों से ऐसा हो रहा है। साथ ही, भाग-दौड़ की जिंदगी के कारण अभिभावक बच्चों को समय नहीं दे पाते। ऐसे में बच्चों का ध्यान इस तरफ खिंच जाता है। समाज का बदलता ताना-बाना भी इसके लिए जिम्मेदार है। बच्चों में सफलता के शॉर्टकट अपनाने की भावना बढ़ने से वे अपराध की घटनाओं को अंजाम देते हैं। बच्चों की ऐसी गलतियों से परेशान माता-पिता अब बच्चों को लेकर मनोचिकित्सक के पास पहुंचने लगे हैं। अनेक लोगों का मानना है कि कुछ हद तक इसके लिए टीवी संस्कृति भी जिम्मेदार है। टीवी पर आपराधिक दृश्य देखकर बच्चों की मानसिकता उनकी नकल करने की होती है। परिणामस्वरूप बच्चों के आपराधिक वारदातों के मामले बढ़ रहे हैं। घर के बड़ों को बच्चों की पसंद पर नजर रखनी चाहिए।कहां है समाजसेवीसमय-समय पर शहर में समाजसेवी और विभिन्न राजनैतिक दल छोटे-छोटे मुद्दों को लेकर बड़ी-बड़ी बातें करते हैं, लेकिन वास्तव में उन्हें हकीकत से कोई मतलब नहीं होता है। ताजा मामला तो इसी ओर इशारा कर रहा है। दो दिन हो गए हैं, इस मामले को, बच्चे को हथकड़ी लगाकर पुलिस कर्मियों ने घुमाया लेकिन कोई कार्रवाई अब नहीं हुई है। ऐसे रुक सकते हैं बाल अपराध- ऐसे रूक सकते हैं बाल अपराध - अभिभावक अपने बच्चों को समय दें।- बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें।- बच्चों को धार्मिक व नैतिक संस्कारों का ज्ञान दिया जाए।- माता-पिता अपने झगड़े बच्चों से दूर रखें।- बच्चों को नजरअंदाज नहीं करें।- बड़े-बुजुर्गो का सानिध्य मिले।
यहां संप्रेषण गृह नहीं है, बाहर के पुलिस कर्मियों ने बच्चे को हथकड़ी लगाई होगी।केडी पाराशर, पुलिस अधीक्षक