Monday, July 1, 2019

अस्पतालों में मौसमी बीमारियों के उपचार और बचाव हेतु बेहतर इंतजाम


सीहोर 30 जून,2019
      स्वास्थ्य विभाग द्वारा प्रदेश के सभी शासकीय अस्पतालों को मौसमी बीमारियों जैसे लूजल-जनित रोगउल्टी-दस्तआंत्रशोथफुड पाइजनिंग,वाहक जनित रोगमलेरियाडेंगूचिकनगुनिया आदि के उपचार और रोकथाम के बेहतर इंतजाम रखने के निर्देश दिये हैं। जिला-स्तर पर रेपिड रिस्पांस टीम गठित की गई हैं। जल-जनित रोगों की रोकथाम के लिये शुद्ध पेयजल के उपयोग और ग्राम में ओआरएस डिपो होल्डर की स्थापना की गई है। मच्छर से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिये मच्छर निरोधक गतिविधियाँ की जा रही हैं।
     मस्तिष्क ज्वरदिमागी बुखार (एक्यूट इंसेफ डिसीज सिण्ड्रोम) किसी भी उम्र में होने वाली बीमारी है।यह बीमारी कई कारणों से हो सकती है,जिसमें वायरसवेक्टीरियापरजीवीहाइपोग्लाइसीमियाटॉक्सिस आदि प्रमुख हैं। मस्तिष्क ज्वर होने पर रोगी को तेज बुखारसिर दर्दउल्टियाँ,झटके आनामानसिक विचलन और बेहोशी जैसे प्रमुख लक्षण होते हैं। बिहार राज्य में एक्यूट इंसेफ डिसीज सिण्ड्रोम से मृत्यु का संभावित कारण बच्चों का खाली पेट अधिक मात्रा में लीची फल खाने के चलते होना पाया गया है। लीची फल में मिथाईलीनसाइक्लो प्रोपाइल ग्लाईसिन अधिक मात्रा में होता हैजो लीवर में होने वाली ग्लूको न्यूजेनेसिस प्रक्रिया को ब्लॉक कर देता है। इसके कारण रोगी को हाईपोग्लाईसीमिया हो जाता है। इसके फलस्वरूप रोगी को सेरीब्रल इन्फ्लेमेशन हो जाती है। प्रदेश में इस प्रकार की कोई भी स्थिति नहीं है और ऐसा कोई भी प्रकरण अब तक प्रकाश में नहीं आया।

Saturday, April 28, 2012

Aziz Qureshi ji governor bane


कांग्रेस की दमदारी के पुराने दिन लौटेंगे

सीहोर। कांग्रेस की स्थानीय राजनीति में यह साल नए संकेत लेकर आ रहा है, जिससे आम कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ गया है। सीहोर इछावर से 1970 में विधायक और मप्र शासन में मंत्री रहे साथ ही 1984 में सतना के सांसद रहे जनाब अजीज कुरैशी के उत्तराखंड राज्यपाल बनने से कांग्रेसजनों में खासा जोश है।
राजनीति के राज आमतौर पर लोगों को समझ नहीं आते, लेकिन कांग्रेस की राजनीति की बात आती है तो ऐसी उलझन और गुटबाजी की धुन नजर आती है, जिससे कई कार्यकर्ता भी परेशान हो जाते हैं, लेकिन अब यह साल कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए लगातार सुखद संदेश ला रहा है, जिससे समीकरण बदलने का दौर लगातार जारी है।
क्या हैं हालात?
एक समय था जब जिले की राजनीति में कांग्रेस मतलब जीत का सबब माना जाता था, लेकिन बीते एक दशक में यहां की राजनीति में कुछ ऐसा घटा जिससे हासिए पर आ गई और कुछ प्रछन्न घातियों के कारण कमलछाप कांगे्रसियों की पूछ-परख बढ़ती चली गई, जिसके कारण पार्टी कार्यकर्ता दुखी हो गए और नतीजा भुगता। कांग्रेस पार्टी ने जो जिले में सिर्फ जयंती औ पुण्यतिथि मनाने तक सीमित रह गई। पार्टी ने भाजपा सरकार के खिलाफ एक भी बड़ा आंदोलन करने का साहस नहीं जुटाया, लेकिन इस साल जो कुछ हो रहा है, उससे पार्टी कार्यकर्ता उत्साहित हैं और योग्य तथा दमदार नेताओं के साथ युवाओं पर जिम्मेदारी सौंपे जाने से आम कार्यकर्ता जहां उत्साहित हैं, वहीं ठेकेदारी और दलाल प्रथा में भरोसा रखने वाले विचलित नजर आ रहे हैं।
लोगों के अजीज हैं
जिले की राजनीति में अजीज कुरैशी ऐसे दमदार नेताओं में गिने जाते हैं, जो विकास के प्रतीक हैं और आम कार्यकर्ताओं की पहली पसंद। श्री कुरैशी ने अब तक जिले को दिया ही है, यही वजह है कि जैसे ही सूचना लोगों तक पहुंची कि अजीज कुरैशी को उत्तराखंड का राज्यपाल बना दिया गया है, पहले कांग्रेसजनों ने जगह-जगह मिठाईयां बांटी और बाद में भोपाल जाकर उनका स्वागत भी किया।
ऐसे बदले समीकरण
कांग्रेस ने जब कैलाश परमार को पुन: जिलाध्यक्ष और फिर राकेश राय को प्रदेश कांग्रेस में शामिल किया, तभी इस बात के संकेत मिले थे कि जिले की राजनीति में अब योग्यता और सेवा को सम्मान मिलेगा। इसी साल नपा सीहोर में दमदार पार्षद पवन राठौर को नेता प्रतिपक्ष घोषित किया गया, उसके बाद निगरानी समिति चेयरमेन पद पर पत्रकार महेंद्र मनकी ठाकुर की नियुक्ति हुई और जिला कांग्रेस की घोषित कार्यकारिणी ने खुलकर संकेत दे दिए कि कांग्रेस ने मिशन 2013 को लेक सिर्फ ओर सिर्फ योग्यता और कर्मठता के साथ जमीनी सक्रियता को ही केंद्र में रखा है। जिला कांग्रेस में कोषाध्यक्ष राजकुमार जायसवाल, महामंत्री धर्मेन्द्र यादव की नियुक्ति ने संकेत दिए हैं कि पार्टी ने युवा नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंप दी है, जिससे कांग्रेस का युवा कार्ड पार्टी को मजबूती की ओर ले जाएगा।
भाजपा है ताकत
जिले में भाजपा के पास लोकसभा नेता प्रतिपक्ष सुषमा स्वराज, मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, मार्कफेड अध्यक्ष रमाकांत भार्गव, निगम अध्यक्ष गुरुप्रसाद शर्मा, राजेंद्र सिंह, शिव चौबे, जिपं अध्यक्ष धर्मेन्द्र चौहान, उपाध्यक्ष मायाराम गौर, विधायक रमेश सक्सेना, केबिनेट मंत्री करणसिंह वर्मा जैसे दमदार नेता और बड़े पद पर आसीन नेता है, वहीं अब कई सालों के बाद ऐसा हुआ है, जब सीहोर की राजनीति में सीधा दखल रखने वाले नेता को बड़ा पद मिला है। गौरतलब है कि श्री कुरैशी का सालों तक यहां हस्तक्षेप रहा, लेकिन कभी किसी को गुटबाजी नजर नहीं आई, परंतु जब सुरेश पचौरी प्रदेशाध्यक्ष बने तो पचौरी समर्थकों ने खुलेआम श्री कुरैशी का पुतला जलाया था, अब प्रदेश की राजनीति में पचौरी गुट हासिए पर है। देखना है सुखद राजनीति का आगाज जो कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ा चुका है, ऐसे में कांग्रेस की दमदारी के दिन लौटने की संभावनाएं नजर आने लगी हैं।

Tuesday, March 20, 2012

श्रमजीवी पत्रकार संघ का जिला सम्मेलन हुआ




सीहोर/आष्टा। श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष शलभ भदौरिया ने कहा है कि बदलते समय में पत्रकारों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में पत्रकारों को खुद तय करना होगा कि उनकी कार्यप्रणाली कैसी हो सभी को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि ईमानदारी से कर्तव्य का निर्वाहन हो और मान सम्मान बरकरार रहे। हालांकि श्रमजीवी पत्रकार संघ सभी पत्रकारोंं के हितों में लगातार सजग है, संगठन की 21 में से 17 मांगे पूरी हो चुकी हैं आगामी दिनों में होने वाली पत्रकारों की पंचायत भी संगठन की मांग में शामिल थी।
श्री भदौरिया ने उपरोक्त आशय के विचार आष्टा में आयोजित श्रमजीवी पत्रकार संघ के सम्मेलन में व्यक्त किए। यह सम्मेलन बस स्टैण्ड पर स्थित कम्यूनिटी हाल में आयोजित किया गया। रविवार को आयोजित हुए सम्मेलन में उपस्थित पत्रकारों को संबोधित करते हुए श्री भदौरिया ने कहा कि पत्रकारों की एकता उनकी ताकत होती है। संगठन की सक्रियता का सुखद प्रतिफल है कि राज्य सरकार की अनेक पत्रकार हितैषी क्रियान्वयन समितियों मेें श्रमजीवी पत्रकार संघ के साथी कार्यरत हैं।
किसने क्या कहा
मंचासीन अतिथि श्री भदौरिया ने कहा कि तीन तरह के पत्रकार होते हैं उसमें पत्रकारों को अपनी कार्यप्रणाली से अपनी श्रेणी खुद तय करना होगी। उन्होंने कहा कि देवर्षि नारदजी की बातें देवताओं के अलावा प्रतिद्वंदी राक्षस वर्ग भी सम्मान से सुनते और मानते थे इसलिए पत्रकारों की अपनी कार्यप्रणाली ऐसी रखनी चाहिए जिससे पत्रकारिता के क्षेत्र में पत्रकारों की अपनी विशिष्ट पहचान बने और पीडि़त और शोषित तबके के लोगों को जो समस्याएं सामने आती है उसका निराकरण कराने में पत्रकार अपनी भूमिका का निर्वाहन कर सकें।
आष्टा में अच्छी पहल
कार्यक्रम में अतिथि के रूप में उपस्थित मध्यप्रदेश की वरिष्ठ पत्रकार और समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सरिता देशपाण्डे ने कहा कि आष्टा में पत्रकारों का इतना बड़ा आयोजन होना सराहनीय कार्य हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पत्रकारिता का कार्य काफी कठिन होता है। ऐसे में पत्रकारों को कड़ी मेहनत करना होती है। श्रमजीवी पत्रकार संघ की आष्टा इकाई इसके लिए धन्यवाद की पात्र है।
कड़ी मेहनत से सफलता
माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय प्रकाशन विभाग के राघवेन्द्र सिंह ने राजधानी और ग्रामीण क्षेत्र की पत्रकारिता में समाचार संकलन के दौरान आने वाली कठिनाईयों और उनके समाधान पर विश£ेषणात्मक प्रभावी संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि पेड न्यूज ओर टारगेज के चक्क र में कई बार पत्रकारों पर दबाव आ जाता है। आगामी समय में चुनाव होना है तब परीक्षा में सभी पत्रकार साथी कामयाब हो इस बात की उन्होंने सभी को शुभकामनाएं दी।
चौथा स्तंभ दमदार
परिकल्पना के संस्थापक एवं वरिष्ठ चिकित्सक डा. जयप्रकाश पालीवाल ने अपने विशेष अंदाज में उपस्थितजनों को मार्गदर्शन दिया उन्होंने कहा कि समय के साथ पत्रकारिता का अंदाज भी बदल रहा है लेकिन उन्होंने जो अब तक देखा है उसके अनुसार सकारात्मक पत्रकारिता के परिणाम हमैशा सुखद आते हैं। उन्होंने नारी शक्ति को नमन करते हुए पत्रकारिता के क्षेत्र में महिलाओं की सक्रियता की प्रशंसा की।
जिलाध्यक्ष रघुवर दयाल गोहिया ने कहा कि संगठन ने समय-समय पर सीहोर जिले में पत्रकारों के हित में आंदोलन और अभियान चलाए हैं। जिले में पत्रकार गृह निर्माण समिति को उल्लेखनीय सफलता मिलने जा रही है। सभी साथियो को उन्होंने अच्छे आयोजन के लिए बधाई दी है। आष्टा के वरिष्ठ पत्रकार सुधीर पाठक ने कहा कि सही समय पर सही निर्णय लेकर पत्रकार साथी पूरी ईमानदारी अपने कर्तव्यों का निर्वाहन कर रहे हैं यदि आवश्कता महसूस हुई और पत्रकारिता के क्षेत्र में आने वाले नये साथियों को विशेष ट्रेनिंग की जरूरत पड़ती है तो संगठन कार्यशाला का आयोजन भी करेगा।
ब्लाक अध्यक्ष रउफ लाला ने कहा कि वरिष्ठ पदाधिकारियों के मार्गदर्शन में संगठन ने पत्रकार हितों का ध्यान रखते हुए समय-समय पर उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
अतिथियों का स्वागत
बताया गया है कि कार्यक्रम में अतिथि के रूप में उपस्थित प्रदेश अध्यक्ष शलभ भदौरिया, समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सरिता देशपाण्डे, माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय प्रकाशन विभाग के राघवेन्द्र सिंह, मार्केटिंग आष्टा के अध्यक्ष कृपाल सिंह पटाड़ा, जिलाध्यक्ष रघुवर दयाल गोहिया, परिकल्पना के डा. जेपी पालीवाल का आष्टा के वरिष्ठ पत्रकार सुधीर पाठक, रउफलाला, नबाव अली आदि ने स्वागत किया ओर शाल श्रीफल भेंटकर आष्टा इकाई की ओर से सम्मान भी किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप चौहान ने किया। प्रोसेडिंंग लेखन महेन्द्र मनकी ठाकुर ने किया तथा आभार रउफ लाला ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में जिला मुख्यालय से जिलाध्यक्ष रघुवर दयाल गोहिया, कमलेश कटारे, राजकुमार गुप्ता, प्रदीप एस चौहान, महेन्द्र मनकी ठाकुर, धर्मेन्द्र यादव, ओम मोदी, विनीत दुबे, एआर शेख मुंशी, वसीम उर्रहमान, बिल्लू समाधिया, इरशाद कुरैशी, तरूण गर्ग, अनिल सक्सेना, गौतम शाह, शैलेष तिवारी, आशीष मिश्रा, अशोक राठौर, एजाज भाई, इसरार खान, महेश दुबे, जैकी भाई आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
सबने रखी अपनी बात
जिले में यह पहला अवसर था जब किसी पत्रकार संघ का इतना बड़ा आयोजन आष्टा तहसील मुख्यालय पर हुआ हो। यहां आयोजित कार्यक्रम में स्वागत भाषण देते हुए वरिष्ठ पत्रकार सुधीर पाठक ने सभी को कार्यक्रम की जानकारी दी। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार सुधीर पाठक, नबाव अली, रउफ लाला, रामचरण सोनी, नरेन्द्र गंगवाल, सुशील संचेती, आनंदीलाल सोनी, मुकेश सोनी, सर्वेश पंडया, अमित तिवारी, राहुल जैन, रूपचंद जैन, कमलेश खत्री, अंकित जैन, विपिन जायसवाल, श्रीमल मेवाड़ा, सोभाल सिंह ठाकुर, बहादुर सिंह ठाकुर, दिनेश चंद्रवंशी, अबरार अली, बाबू पंचाल, शैलेष शर्मा, राकेश बैरागी, दिनेश माथुर, राजीव मालवीय, सुनील शर्मा, अशोक शर्मा आदि उपस्थित रहे।
इन विषयों पर चर्चा
विषय विशेषज्ञ और प्रमुख वक्ता के रूप में वरिष्ठ पत्रकार राघवेन्द्र सिंह ने सभी को मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि काम के अंदाज में परिस्थितियों के कारण कुछ परिवर्तन देखने में आ रहा है लेकिन सीहोर जिले के ज्ञात इतिहास में यहां के सभी साथियों ने अपनी लेखनी के दम पर पूरे देश में पहचान बनाई है इसके लिए श्रमजीवी पत्रकार संघ के सभी पदाधिकारी और सदस्य बधाई के पात्र हैं। समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सरिता देशपाण्डे ने कहा कि उन्होंने राजनीति, वकालात और पत्रकारिता तीनों क्षेत्रों में कार्य किया है। सीहोर जिले में सभी पत्रकार हर खबर के साथ न्याय करते हैं यही सुखद वजह है कि सीहोर की पत्रकारिता पूरे प्रदेश में पहचानी जाती है।
जिलाध्यक्ष रघुवर दयाल गोहिया ने जिले की पत्रकारिता के अनुभवों को बताते हुए सभी को आव्हान किया कि हर खबर और उसका एंगल हर पत्रकार की प्रतिदिन होने वाली परीक्षा में कामयाब बनाता है।
ों की भूमिका बदलते समय में महत्वपूर्ण: भदौरिया
- श्रमजीवी पत्रकार संघ का जिला सम्मेलन हुआ
सीहोर/फोटो-05, 06, 07
पत्रकारों की भूमिका बदलते समय में महत्वपूर्ण: भदौरिया
- श्रमजीवी पत्रकार संघ का जिला सम्मेलन हुआ
सीहोर/आष्टा। श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष शलभ भदौरिया ने कहा है कि बदलते समय में पत्रकारों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में पत्रकारों को खुद तय करना होगा कि उनकी कार्यप्रणाली कैसी हो सभी को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि ईमानदारी से कर्तव्य का निर्वाहन हो और मान सम्मान बरकरार रहे। हालांकि श्रमजीवी पत्रकार संघ सभी पत्रकारोंं के हितों में लगातार सजग है, संगठन की 21 में से 17 मांगे पूरी हो चुकी हैं आगामी दिनों में होने वाली पत्रकारों की पंचायत भी संगठन की मांग में शामिल थी।
श्री भदौरिया ने उपरोक्त आशय के विचार आष्टा में आयोजित श्रमजीवी पत्रकार संघ के सम्मेलन में व्यक्त किए। यह सम्मेलन बस स्टैण्ड पर स्थित कम्यूनिटी हाल में आयोजित किया गया। रविवार को आयोजित हुए सम्मेलन में उपस्थित पत्रकारों को संबोधित करते हुए श्री भदौरिया ने कहा कि पत्रकारों की एकता उनकी ताकत होती है। संगठन की सक्रियता का सुखद प्रतिफल है कि राज्य सरकार की अनेक पत्रकार हितैषी क्रियान्वयन समितियों मेें श्रमजीवी पत्रकार संघ के साथी कार्यरत हैं।
किसने क्या कहा
मंचासीन अतिथि श्री भदौरिया ने कहा कि तीन तरह के पत्रकार होते हैं उसमें पत्रकारों को अपनी कार्यप्रणाली से अपनी श्रेणी खुद तय करना होगी। उन्होंने कहा कि देवर्षि नारदजी की बातें देवताओं के अलावा प्रतिद्वंदी राक्षस वर्ग भी सम्मान से सुनते और मानते थे इसलिए पत्रकारों की अपनी कार्यप्रणाली ऐसी रखनी चाहिए जिससे पत्रकारिता के क्षेत्र में पत्रकारों की अपनी विशिष्ट पहचान बने और पीडि़त और शोषित तबके के लोगों को जो समस्याएं सामने आती है उसका निराकरण कराने में पत्रकार अपनी भूमिका का निर्वाहन कर सकें।
आष्टा में अच्छी पहल
कार्यक्रम में अतिथि के रूप में उपस्थित मध्यप्रदेश की वरिष्ठ पत्रकार और समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सरिता देशपाण्डे ने कहा कि आष्टा में पत्रकारों का इतना बड़ा आयोजन होना सराहनीय कार्य हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पत्रकारिता का कार्य काफी कठिन होता है। ऐसे में पत्रकारों को कड़ी मेहनत करना होती है। श्रमजीवी पत्रकार संघ की आष्टा इकाई इसके लिए धन्यवाद की पात्र है।
कड़ी मेहनत से सफलता
माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय प्रकाशन विभाग के राघवेन्द्र सिंह ने राजधानी और ग्रामीण क्षेत्र की पत्रकारिता में समाचार संकलन के दौरान आने वाली कठिनाईयों और उनके समाधान पर विश£ेषणात्मक प्रभावी संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि पेड न्यूज ओर टारगेज के चक्क र में कई बार पत्रकारों पर दबाव आ जाता है। आगामी समय में चुनाव होना है तब परीक्षा में सभी पत्रकार साथी कामयाब हो इस बात की उन्होंने सभी को शुभकामनाएं दी।
चौथा स्तंभ दमदार
परिकल्पना के संस्थापक एवं वरिष्ठ चिकित्सक डा. जयप्रकाश पालीवाल ने अपने विशेष अंदाज में उपस्थितजनों को मार्गदर्शन दिया उन्होंने कहा कि समय के साथ पत्रकारिता का अंदाज भी बदल रहा है लेकिन उन्होंने जो अब तक देखा है उसके अनुसार सकारात्मक पत्रकारिता के परिणाम हमैशा सुखद आते हैं। उन्होंने नारी शक्ति को नमन करते हुए पत्रकारिता के क्षेत्र में महिलाओं की सक्रियता की प्रशंसा की।
जिलाध्यक्ष रघुवर दयाल गोहिया ने कहा कि संगठन ने समय-समय पर सीहोर जिले में पत्रकारों के हित में आंदोलन और अभियान चलाए हैं। जिले में पत्रकार गृह निर्माण समिति को उल्लेखनीय सफलता मिलने जा रही है। सभी साथियो को उन्होंने अच्छे आयोजन के लिए बधाई दी है। आष्टा के वरिष्ठ पत्रकार सुधीर पाठक ने कहा कि सही समय पर सही निर्णय लेकर पत्रकार साथी पूरी ईमानदारी अपने कर्तव्यों का निर्वाहन कर रहे हैं यदि आवश्कता महसूस हुई और पत्रकारिता के क्षेत्र में आने वाले नये साथियों को विशेष ट्रेनिंग की जरूरत पड़ती है तो संगठन कार्यशाला का आयोजन भी करेगा।
ब्लाक अध्यक्ष रउफ लाला ने कहा कि वरिष्ठ पदाधिकारियों के मार्गदर्शन में संगठन ने पत्रकार हितों का ध्यान रखते हुए समय-समय पर उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
अतिथियों का स्वागत
बताया गया है कि कार्यक्रम में अतिथि के रूप में उपस्थित प्रदेश अध्यक्ष शलभ भदौरिया, समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सरिता देशपाण्डे, माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय प्रकाशन विभाग के राघवेन्द्र सिंह, मार्केटिंग आष्टा के अध्यक्ष कृपाल सिंह पटाड़ा, जिलाध्यक्ष रघुवर दयाल गोहिया, परिकल्पना के डा. जेपी पालीवाल का आष्टा के वरिष्ठ पत्रकार सुधीर पाठक, रउफलाला, नबाव अली आदि ने स्वागत किया ओर शाल श्रीफल भेंटकर आष्टा इकाई की ओर से सम्मान भी किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप चौहान ने किया। प्रोसेडिंंग लेखन महेन्द्र मनकी ठाकुर ने किया तथा आभार रउफ लाला ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में जिला मुख्यालय से जिलाध्यक्ष रघुवर दयाल गोहिया, कमलेश कटारे, राजकुमार गुप्ता, प्रदीप एस चौहान, महेन्द्र मनकी ठाकुर, धर्मेन्द्र यादव, ओम मोदी, विनीत दुबे, एआर शेख मुंशी, वसीम उर्रहमान, बिल्लू समाधिया, इरशाद कुरैशी, तरूण गर्ग, अनिल सक्सेना, गौतम शाह, शैलेष तिवारी, आशीष मिश्रा, अशोक राठौर, एजाज भाई, इसरार खान, महेश दुबे, जैकी भाई आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
सबने रखी अपनी बात
जिले में यह पहला अवसर था जब किसी पत्रकार संघ का इतना बड़ा आयोजन आष्टा तहसील मुख्यालय पर हुआ हो। यहां आयोजित कार्यक्रम में स्वागत भाषण देते हुए वरिष्ठ पत्रकार सुधीर पाठक ने सभी को कार्यक्रम की जानकारी दी। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार सुधीर पाठक, नबाव अली, रउफ लाला, रामचरण सोनी, नरेन्द्र गंगवाल, सुशील संचेती, आनंदीलाल सोनी, मुकेश सोनी, सर्वेश पंडया, अमित तिवारी, राहुल जैन, रूपचंद जैन, कमलेश खत्री, अंकित जैन, विपिन जायसवाल, श्रीमल मेवाड़ा, सोभाल सिंह ठाकुर, बहादुर सिंह ठाकुर, दिनेश चंद्रवंशी, अबरार अली, बाबू पंचाल, शैलेष शर्मा, राकेश बैरागी, दिनेश माथुर, राजीव मालवीय, सुनील शर्मा, अशोक शर्मा आदि उपस्थित रहे।
इन विषयों पर चर्चा
विषय विशेषज्ञ और प्रमुख वक्ता के रूप में वरिष्ठ पत्रकार राघवेन्द्र सिंह ने सभी को मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि काम के अंदाज में परिस्थितियों के कारण कुछ परिवर्तन देखने में आ रहा है लेकिन सीहोर जिले के ज्ञात इतिहास में यहां के सभी साथियों ने अपनी लेखनी के दम पर पूरे देश में पहचान बनाई है इसके लिए श्रमजीवी पत्रकार संघ के सभी पदाधिकारी और सदस्य बधाई के पात्र हैं। समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सरिता देशपाण्डे ने कहा कि उन्होंने राजनीति, वकालात और पत्रकारिता तीनों क्षेत्रों में कार्य किया है। सीहोर जिले में सभी पत्रकार हर खबर के साथ न्याय करते हैं यही सुखद वजह है कि सीहोर की पत्रकारिता पूरे प्रदेश में पहचानी जाती है।
जिलाध्यक्ष रघुवर दयाल गोहिया ने जिले की पत्रकारिता के अनुभवों को बताते हुए सभी को आव्हान किया कि हर खबर और उसका एंगल हर पत्रकार की प्रतिदिन होने वाली परीक्षा में कामयाब बनाता है।
आष्टा। श्रमजीवी पत्रकार संघ के प्रदेश अध्यक्ष शलभ भदौरिया ने कहा है कि बदलते समय में पत्रकारों की भूमिका काफी महत्वपूर्ण हो गई है। ऐसे में पत्रकारों को खुद तय करना होगा कि उनकी कार्यप्रणाली कैसी हो सभी को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि ईमानदारी से कर्तव्य का निर्वाहन हो और मान सम्मान बरकरार रहे। हालांकि श्रमजीवी पत्रकार संघ सभी पत्रकारोंं के हितों में लगातार सजग है, संगठन की 21 में से 17 मांगे पूरी हो चुकी हैं आगामी दिनों में होने वाली पत्रकारों की पंचायत भी संगठन की मांग में शामिल थी।
श्री भदौरिया ने उपरोक्त आशय के विचार आष्टा में आयोजित श्रमजीवी पत्रकार संघ के सम्मेलन में व्यक्त किए। यह सम्मेलन बस स्टैण्ड पर स्थित कम्यूनिटी हाल में आयोजित किया गया। रविवार को आयोजित हुए सम्मेलन में उपस्थित पत्रकारों को संबोधित करते हुए श्री भदौरिया ने कहा कि पत्रकारों की एकता उनकी ताकत होती है। संगठन की सक्रियता का सुखद प्रतिफल है कि राज्य सरकार की अनेक पत्रकार हितैषी क्रियान्वयन समितियों मेें श्रमजीवी पत्रकार संघ के साथी कार्यरत हैं।
किसने क्या कहा
मंचासीन अतिथि श्री भदौरिया ने कहा कि तीन तरह के पत्रकार होते हैं उसमें पत्रकारों को अपनी कार्यप्रणाली से अपनी श्रेणी खुद तय करना होगी। उन्होंने कहा कि देवर्षि नारदजी की बातें देवताओं के अलावा प्रतिद्वंदी राक्षस वर्ग भी सम्मान से सुनते और मानते थे इसलिए पत्रकारों की अपनी कार्यप्रणाली ऐसी रखनी चाहिए जिससे पत्रकारिता के क्षेत्र में पत्रकारों की अपनी विशिष्ट पहचान बने और पीडि़त और शोषित तबके के लोगों को जो समस्याएं सामने आती है उसका निराकरण कराने में पत्रकार अपनी भूमिका का निर्वाहन कर सकें।
आष्टा में अच्छी पहल
कार्यक्रम में अतिथि के रूप में उपस्थित मध्यप्रदेश की वरिष्ठ पत्रकार और समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सरिता देशपाण्डे ने कहा कि आष्टा में पत्रकारों का इतना बड़ा आयोजन होना सराहनीय कार्य हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में पत्रकारिता का कार्य काफी कठिन होता है। ऐसे में पत्रकारों को कड़ी मेहनत करना होती है। श्रमजीवी पत्रकार संघ की आष्टा इकाई इसके लिए धन्यवाद की पात्र है।
कड़ी मेहनत से सफलता
माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय प्रकाशन विभाग के राघवेन्द्र सिंह ने राजधानी और ग्रामीण क्षेत्र की पत्रकारिता में समाचार संकलन के दौरान आने वाली कठिनाईयों और उनके समाधान पर विश£ेषणात्मक प्रभावी संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि पेड न्यूज ओर टारगेज के चक्क र में कई बार पत्रकारों पर दबाव आ जाता है। आगामी समय में चुनाव होना है तब परीक्षा में सभी पत्रकार साथी कामयाब हो इस बात की उन्होंने सभी को शुभकामनाएं दी।
चौथा स्तंभ दमदार
परिकल्पना के संस्थापक एवं वरिष्ठ चिकित्सक डा. जयप्रकाश पालीवाल ने अपने विशेष अंदाज में उपस्थितजनों को मार्गदर्शन दिया उन्होंने कहा कि समय के साथ पत्रकारिता का अंदाज भी बदल रहा है लेकिन उन्होंने जो अब तक देखा है उसके अनुसार सकारात्मक पत्रकारिता के परिणाम हमैशा सुखद आते हैं। उन्होंने नारी शक्ति को नमन करते हुए पत्रकारिता के क्षेत्र में महिलाओं की सक्रियता की प्रशंसा की।
जिलाध्यक्ष रघुवर दयाल गोहिया ने कहा कि संगठन ने समय-समय पर सीहोर जिले में पत्रकारों के हित में आंदोलन और अभियान चलाए हैं। जिले में पत्रकार गृह निर्माण समिति को उल्लेखनीय सफलता मिलने जा रही है। सभी साथियो को उन्होंने अच्छे आयोजन के लिए बधाई दी है। आष्टा के वरिष्ठ पत्रकार सुधीर पाठक ने कहा कि सही समय पर सही निर्णय लेकर पत्रकार साथी पूरी ईमानदारी अपने कर्तव्यों का निर्वाहन कर रहे हैं यदि आवश्कता महसूस हुई और पत्रकारिता के क्षेत्र में आने वाले नये साथियों को विशेष ट्रेनिंग की जरूरत पड़ती है तो संगठन कार्यशाला का आयोजन भी करेगा।
ब्लाक अध्यक्ष रउफ लाला ने कहा कि वरिष्ठ पदाधिकारियों के मार्गदर्शन में संगठन ने पत्रकार हितों का ध्यान रखते हुए समय-समय पर उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
अतिथियों का स्वागत
बताया गया है कि कार्यक्रम में अतिथि के रूप में उपस्थित प्रदेश अध्यक्ष शलभ भदौरिया, समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सरिता देशपाण्डे, माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय प्रकाशन विभाग के राघवेन्द्र सिंह, मार्केटिंग आष्टा के अध्यक्ष कृपाल सिंह पटाड़ा, जिलाध्यक्ष रघुवर दयाल गोहिया, परिकल्पना के डा. जेपी पालीवाल का आष्टा के वरिष्ठ पत्रकार सुधीर पाठक, रउफलाला, नबाव अली आदि ने स्वागत किया ओर शाल श्रीफल भेंटकर आष्टा इकाई की ओर से सम्मान भी किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप चौहान ने किया। प्रोसेडिंंग लेखन महेन्द्र मनकी ठाकुर ने किया तथा आभार रउफ लाला ने व्यक्त किया। कार्यक्रम में जिला मुख्यालय से जिलाध्यक्ष रघुवर दयाल गोहिया, कमलेश कटारे, राजकुमार गुप्ता, प्रदीप एस चौहान, महेन्द्र मनकी ठाकुर, धर्मेन्द्र यादव, ओम मोदी, विनीत दुबे, एआर शेख मुंशी, वसीम उर्रहमान, बिल्लू समाधिया, इरशाद कुरैशी, तरूण गर्ग, अनिल सक्सेना, गौतम शाह, शैलेष तिवारी, आशीष मिश्रा, अशोक राठौर, एजाज भाई, इसरार खान, महेश दुबे, जैकी भाई आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
सबने रखी अपनी बात
जिले में यह पहला अवसर था जब किसी पत्रकार संघ का इतना बड़ा आयोजन आष्टा तहसील मुख्यालय पर हुआ हो। यहां आयोजित कार्यक्रम में स्वागत भाषण देते हुए वरिष्ठ पत्रकार सुधीर पाठक ने सभी को कार्यक्रम की जानकारी दी। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार सुधीर पाठक, नबाव अली, रउफ लाला, रामचरण सोनी, नरेन्द्र गंगवाल, सुशील संचेती, आनंदीलाल सोनी, मुकेश सोनी, सर्वेश पंडया, अमित तिवारी, राहुल जैन, रूपचंद जैन, कमलेश खत्री, अंकित जैन, विपिन जायसवाल, श्रीमल मेवाड़ा, सोभाल सिंह ठाकुर, बहादुर सिंह ठाकुर, दिनेश चंद्रवंशी, अबरार अली, बाबू पंचाल, शैलेष शर्मा, राकेश बैरागी, दिनेश माथुर, राजीव मालवीय, सुनील शर्मा, अशोक शर्मा आदि उपस्थित रहे।
इन विषयों पर चर्चा
विषय विशेषज्ञ और प्रमुख वक्ता के रूप में वरिष्ठ पत्रकार राघवेन्द्र सिंह ने सभी को मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने कहा कि काम के अंदाज में परिस्थितियों के कारण कुछ परिवर्तन देखने में आ रहा है लेकिन सीहोर जिले के ज्ञात इतिहास में यहां के सभी साथियों ने अपनी लेखनी के दम पर पूरे देश में पहचान बनाई है इसके लिए श्रमजीवी पत्रकार संघ के सभी पदाधिकारी और सदस्य बधाई के पात्र हैं। समाज कल्याण बोर्ड की अध्यक्ष सरिता देशपाण्डे ने कहा कि उन्होंने राजनीति, वकालात और पत्रकारिता तीनों क्षेत्रों में कार्य किया है। सीहोर जिले में सभी पत्रकार हर खबर के साथ न्याय करते हैं यही सुखद वजह है कि सीहोर की पत्रकारिता पूरे प्रदेश में पहचानी जाती है।
जिलाध्यक्ष रघुवर दयाल गोहिया ने जिले की पत्रकारिता के अनुभवों को बताते हुए सभी को आव्हान किया कि हर खबर और उसका एंगल हर पत्रकार की प्रतिदिन होने वाली परीक्षा में कामयाब बनाता है।

Tuesday, December 20, 2011

सीहोर में जमकर हुई नोटों की बरसात



महेंद्र ठाकुर. सीहोर
राजधानी भोपाल के नजदीकी सीहोर जिले में इस समय किन्नरों का राष्ट्रीय सम्मेलन पूरे रंग पर है। पांच सौ से अधिक किन्नर सम्मेलन में आ चुके हैं और 23 दिसंबर को निकलने वाले कलश यात्रा में लगभग दो हजार किन्नर भाग लेंगे। बीती रात किन्नर सम्मेलन में जब किन्नरों ने फिल्मी गानों पर जमकर नृत्य किया तो किन्नरों के साथियों ने उन पर नोटों की बरसात कर दी।
जानकारी के अनुसार भोपाल नाका स्थित कंचन गार्डन में शहर और देश की तरक्की एवं खुशहाली की दुआ के लिए किन्नर सम्मेलन आयोजित है, जिसमें पूरे देश के किन्नर भाग ले रहे हैं। इस आयोजन की विशेषता यह है कि सम्मेलन स्थल के अंदर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस कवरेज के पत्रकारों के अलावा आम नागरिकों का प्रवेश वर्जित है। मंगलवार की देर रात यहां मनोरंजन कार्यक्रम के दौरान किन्नरों ने अपनी नृत्य कला का दिल खोलकर प्रदर्शन किया तो यहां मौजूद उनके साथी किन्नर उनकी हौंसला अफजाई करने से नहीं चूके। किन्नरों पर नोटों की जमकर बरसात हुई।
पान पड़े कम
इस राष्ट्रीय स्तर के आयोजन से जुड़ी पूर्व पार्षद पायल जान ने बताया कि शहर में उन्हें उतने पान उपलब्ध नहीं हुए, जितने कि जरुरत थी। इसलिए भोपाल से दस हजार पान मंगवाए हैं।
वितरित होंगे नोट
पूर्व पार्षद पायल जान ने यह भी बताया कि नृत्य के दौरान भारी मात्रा में नोट नृत्य करने वाले पर प्रोत्साहन स्वरुप दिए गए, उन्हें एकत्र करने के बाद अंतिम दिन सभी को दिया जाता है।
नामी किन्नर आए
इस आयोजन की विशेषता यह है कि सागर की पूर्व महापौर कमला सहित देश के अनेक जाने-माने किन्नर इस आयोजन में भाग ले रहे हैं।
सरकारी सुविधा नहीं
देशभर से आए किन्नरों ने इस संवाददाता से चर्चा के दौरान कहा कि आम जनमानस से ही उन्हें इतना मिल जाता कि उन्हें सरकारी सुविधा और सहायता की जरुरत नहीं है। सरकार ही जब ध्यान नहीं दे रही है तो उन्हें भी सरकारी मदद नहीं चाहिए।
फिल्मी नाच भी
आयोजन स्थल पर मंगलवार की रात फिल्मी अंदाज पर जब अति सुंदर किन्नर थिरके तो ऐसा नजारा लग रहा था, जैसे किसी फिल्म का दृश्य हो। इसी प्रकार राई नृत्य का अंदाज भी सभी को आश्चर्यचकित कर देने वाला था।

Thursday, November 10, 2011

सीहोर में अशुभ साबित हुआ 11.11.11 पांच लोगों की दर्दनाक मौत


महेन्द्र सिंह ठाकुर, सीहोर।
शुक्रवार तड़के भोपाल-इंदौर हाइवे पर चैपाल-सागर से एक किमी आगे इंदौर की ओर स्थित ग्राम रफीकगंज के पास एक तेज रफ्तार जीप खड़े ट्राले से टकरा गई। जीप में सवार पांच लोगों की घटनास्थल पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि अन्य आठ यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। मरने वालों में दो पुरुष, दो महिलाएं एवं एक बच्चा भी शामिल हैं, चार घायल की गंभीरता देखते हुए उन्हें भोपाल रेफर किया गया है, जबकि शेष चार घायलों को जिला अस्पताल में ही रखा गया है। जीप में सवार यात्री रतलाम और धार जिले के थे, जो नागपुर से ताजुद्दीन की दरगाह से दर्शन कर वापस रतलाम लौट रहे थे। बताया जाता है कि रतलाम और धार के यात्री नागपुर में ताजुद्दीन दरगाह के दर्शन कर सपरिवार लौट रहे थे। उनकी स्कार्पियो जीप क्रमांक एमपी 09 सीडी 8987 इंदौर-भोपाल स्टेट हाईवे पर रफीकगंज के पास सड़के पर बेतुके ढंग से खड़े ट्राला क्रमांक एमपी 09 एचजी 6848 से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि जीप के परखच्चे उड़ गए और घटना के घंटों बाद लोगों ने जीप को तोड़कर शवों को बाहर निकाला। जिम्मेदार रहे नदारद स्टेट हाइवे पर इस भीषण दुर्घटना की खबर मिलते ही जहां मुख्यालय के छोटे पुलिसकर्मियों और नगरपालिका के कुछ कर्मचारी मौके पर पहुंचे थे, वहीं घटना के करीब तीन घंटे बाद तक पुलिस या प्रशासन का कोई भी वरिष्ठ अधिकारी मौके पर हालात का जायजा लेेने के लिए नहीं पहुंचा। अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही उजागर इस घटना के घंटों बाद भले ही एसडीएम इच्छित गढ़पाले, एसडीओपी योगेश्वर शर्मा मौके पर पहुंचे, लेकिन इसके बाद भी अस्पताल प्रबंधन लापरवाह बना रहा और आखिरकार अस्पताल प्रबंधन को कई बार सूचना देने के बाद भी शवों को लाने के लिए कोई भी वाहन वहां नहीं पहुंचा था। नतीजन आने-जाने वाले वाहनों की मदद से अधिकारियों ने शवों को अस्पताल भेजने की व्यवस्था बनाई। किया गया मार्ग बंद शुक्रवार तड़के जब यह घटित हुई, तब जीप से निकलकर कुछ घायल और मृत अवस्था में कुछ लोग बीच सड़क पर आ गिरे थे, जिसके चलते इस सड़क पर लंबा जाम लग गया था, वहीं सुबह होते-होते जब प्रशासनिक अमला वहां पहुंचा तो व्यवस्थाएं बनाने के लिए कुछ देर के लिए स्टेट हाईवे पर इंदौर की ओर जाने वाला हिस्सा पूरी तरह बंद किया गया, जिससे लंबी दूरी तक वाहनों की कतारें लग गईं। इस पूरे घटनाक्रम में प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर तब पहुंचे, जब कलेक्टर को लोगों ने सूचना दी। इन्होंने दिखाई मानवता इस भीषण दुर्घटना में जिन पांच लोगों की मौत हुई है, उनके शवों की हालत देखकर हर किसी का सिर चकरा गया था, लेकिन ऐसे में भी तीन लोग वहां ऐसे देखे गए, जिन्होंने इंसानियत का परिचय देते हुए मानवता को सर्वोपरि माना और आगे आकर क्षब्ध-विक्षप्त शवों को अपने हाथों से व्यवस्थित कराया। इन तीन लोगों में पहले थे मंडी थाने के जांबाज एएसआई धर्मेन्द्र सिंह तोमर, दूसरे थे खंडवा से भोपाल वाहन ले जाने वाले चालक नूर मियां पुत्र नजीर पटेल और तीसरे जांबाज मददगार थे संतोष मालवीय, जो नगरपालिका में जेसीबी ऑपरेटर के तौर पर सेवाएं देते हैं।

Thursday, September 22, 2011